बिहार विधानसभा में अशोक स्तंभ पर लगेगा ‘स्वास्तिक’, विवाद शुरू:तेजस्वी का आरोप

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स्तंभ के प्रतीक के उद्गाटन के मौके पर मौजूद CM नीतीश व अन्य। - Dainik Bhaskar

स्तंभ के प्रतीक के उद्गाटन के मौके पर मौजूद CM नीतीश व अन्य।

बिहार विधानसभा के शताब्दी समारोह को यादगार बनाने के लिए इसकी स्मृति में स्तंभ बनवाने का निर्णय लिया है। इस स्तंभ के शिखर पर स्वास्तिक का चिन्ह अंकित होगा। सरकार के इस फैसले से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव काफी नाराज है। उनका मानना है कि स्वास्तिक की जगह इसमें अशोक चक्र होना चाहिए था।

बिहार विधानसभा के शताब्दी समारोह को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की कोशिश हो रही है। इसके प्रबोधन कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला, CM नीतीश कुमार के साथ बिहार के तमाम बड़े नेता शरीक हुए थे। यह समारोह भी विवादों में आ गया है। दरअसल, विवाद शुरू हुआ है एक ऐसे स्तम्भ को लेकर जिसका निर्माण अभी होना है।

शुक्रवार को तेजस्वी यादव के कार्यालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कहा गया है कि बिहार विधानसभा भवन के शताब्दी समारोह की स्मृति में विधानसभा मुख्य द्वार के सामने एक स्तंभ बन रहा है। आजादी के बाद देश का यह प्रथम ऐसा स्तम्भ होगा, जिसमें अशोक चक्र नहीं है। नीतीश सरकार ने देश की धर्मनिरपेक्ष छवि को ध्वस्त करते हुए अशोक चक्र की जगह स्वास्तिक चिन्ह लगाया है।

राजद के इस बयान पर सत्तारूढ़ दल के नेता चुप्पी साधे हुए हैं। वहीं जब दैनिक भास्कर ने विधानसभा कार्यालय में संपर्क करने की कोशिश की तो कोई जवाब नहीं दिया गया।

Hindi NewsLocalBiharTejashwi Yadav Alleges Nazi Sign Swastik Used In Representative Symbol Of Ashok Pillar At Bihar Assemblyस्तंभ के प्रतीक के उद्गाटन के मौके पर मौजूद CM नीतीश व अन्य।बिहार विधानसभा के शताब्दी समारोह को यादगार बनाने के लिए इसकी स्मृति में स्तंभ बनवाने का निर्णय लिया है। इस स्तंभ के शिखर पर स्वास्तिक का चिन्ह अंकित होगा। सरकार के इस फैसले से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव काफी नाराज है। उनका मानना है कि स्वास्तिक की जगह इसमें अशोक चक्र होना चाहिए था।बिहार विधानसभा के शताब्दी समारोह को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की कोशिश हो रही है। इसके प्रबोधन कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला, CM नीतीश कुमार के साथ बिहार के तमाम बड़े नेता शरीक हुए थे। यह समारोह भी विवादों में आ गया है। दरअसल, विवाद शुरू हुआ है एक ऐसे स्तम्भ को लेकर जिसका निर्माण अभी होना है।शुक्रवार को तेजस्वी यादव के कार्यालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कहा गया है कि बिहार विधानसभा भवन के शताब्दी समारोह की स्मृति में विधानसभा मुख्य द्वार के सामने एक स्तंभ बन रहा है। आजादी के बाद देश का यह प्रथम ऐसा स्तम्भ होगा, जिसमें अशोक चक्र नहीं है। नीतीश सरकार ने देश की धर्मनिरपेक्ष छवि को ध्वस्त करते हुए अशोक चक्र की जगह स्वास्तिक चिन्ह लगाया है।राजद के इस बयान पर सत्तारूढ़ दल के नेता चुप्पी साधे हुए हैं। वहीं जब दैनिक भास्कर ने विधानसभा कार्यालय में संपर्क करने की कोशिश की तो कोई जवाब नहीं दिया गया।

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