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अहमदाबाद7 घंटे पहले
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अहमदाबाद की विशेष CBI अदालत ने आज 26 जुलाई, 2008 को सीरियल बम धमाके करने के 38 आरोपियों को फांसी और 11 को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस फैसले में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। दरअसल, आतंकियों ने बम विस्फोट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने की भी साजिश रची थी। मोदी तब गुजरात के मुख्यमंत्री थे। सरकारी वकील सुधीर ब्रहमभट्ट ने बताया कि एक आरोपी ने बाकायदा मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान में मोदी की हत्या की साजिश कबूल की है।

मोदी की हत्या के लिए सिविल अस्पताल में प्लांट किए गए थे बम।
सिविल अस्पताल में घायलों को देखने के दौरान हत्या करने का था प्लान
सुधीर ब्रहम भट्ट ने आगे कहा, आरोपी जानते थे कि विस्फोट के बाद नरेंद्र मोदी घायलों से मिलने सिविल अस्पताल जाएंगे। इसी के अस्पताल में भी बम प्लांट किए गए थे। हालांकि, बमों में विस्फोट नहीं हो सका था। सरकारी वकील के मुताबिक, आरोपी ने ये बात साल 2010 में 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने रिकॉर्ड किए गए अपने बयान में कही थी। इसके बाद ही इस साजिश का भी खुलासा हुआ था।
ब्लास्ट के फैसले की अन्य खबरें…

26 जुलाई, 2008 को अहमदाबाद में हुए धमाकों में 56 लोगों की जान गई थी।
70 मिनट में हुए थे 21 धमाके
26 जुलाई 2008, यही वह दिन था, जब 70 मिनट के दौरान 21 बम धमाकों ने अहमदाबाद की रूह को हिलाकर रख दिया। शहर भर में हुए इन धमाकों में 56 लोगों की जान गई, जबकि 200 लोग घायल हुए थे। धमाकों की जांच-पड़ताल कई साल चली और करीब 80 आरोपियों पर मुकदमा चला। पुलिस ने अहमदाबाद में 20 FIR दर्ज की थीं, जबकि सूरत में 15 अन्य FIR दर्ज की गई थी, जहां विभिन्न स्थानों से जिंदा बम भी बरामद किए गए थे।

साल 2004 में अहमदाबाद में हुआ था चारों का एनकाउंटर।
इशरत जहां 2004 में मोदी की हत्या करने आई थी
इससे पहले 2004 में अहमदाबाद में नोबल नगर टर्निंग के पास इशरत जहां, जावेद शेख, अमजद अली राणा और जिशान जौहर का एनकाउंटर हुआ था। चारों पर आरोप था कि वे गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने ही अहमदाबाद आए थे।

मुठभेड़ में मारे जा चुके विकरुद्दीन की फाइल फोटो।
2012 में विकारुद्दीन और अमजद भी मोदी की हत्या करने आए थे
इसके बाद साल 2012 में भी मोदी की हत्या की साजिश का पर्दाफाश हुआ था। गुजरात पुलिस ने खुलासा किया थी है कि मणिनगर पुलिस कांस्टेबल विनय यादव का हत्यारा विकारुद्दीन और अमजद अहमदाबाद में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश को अंजाम देने आए थे। दोनों एक कार्यक्रम के दौरान मोदी की हत्या करना चाहते थे, लेकिन उनकी जबर्दस्त सिक्युरिटी के चलते नाकाम रहे थे। दोनों हैदराबाद भाग निकले थे। इनमें से विकरुद्दीन साल 2015 में तेलंगाना के वारंगल जिले में पुलिस से हुई मुठभेड़ में मारा जा चुका है। अमजद हिरासत में है।
Hindi NewsLocalGujaratAhmedabad Serial Blasts Accused Conspired To Assassinate Then Gujarat CM Narendra Modi, Reveals Facts To Magistrateअहमदाबाद7 घंटे पहलेकॉपी लिंकवीडियोअहमदाबाद की विशेष CBI अदालत ने आज 26 जुलाई, 2008 को सीरियल बम धमाके करने के 38 आरोपियों को फांसी और 11 को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस फैसले में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। दरअसल, आतंकियों ने बम विस्फोट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने की भी साजिश रची थी। मोदी तब गुजरात के मुख्यमंत्री थे। सरकारी वकील सुधीर ब्रहमभट्ट ने बताया कि एक आरोपी ने बाकायदा मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान में मोदी की हत्या की साजिश कबूल की है।मोदी की हत्या के लिए सिविल अस्पताल में प्लांट किए गए थे बम।सिविल अस्पताल में घायलों को देखने के दौरान हत्या करने का था प्लानसुधीर ब्रहम भट्ट ने आगे कहा, आरोपी जानते थे कि विस्फोट के बाद नरेंद्र मोदी घायलों से मिलने सिविल अस्पताल जाएंगे। इसी के अस्पताल में भी बम प्लांट किए गए थे। हालांकि, बमों में विस्फोट नहीं हो सका था। सरकारी वकील के मुताबिक, आरोपी ने ये बात साल 2010 में 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने रिकॉर्ड किए गए अपने बयान में कही थी। इसके बाद ही इस साजिश का भी खुलासा हुआ था।ब्लास्ट के फैसले की अन्य खबरें…26 जुलाई, 2008 को अहमदाबाद में हुए धमाकों में 56 लोगों की जान गई थी।70 मिनट में हुए थे 21 धमाके26 जुलाई 2008, यही वह दिन था, जब 70 मिनट के दौरान 21 बम धमाकों ने अहमदाबाद की रूह को हिलाकर रख दिया। शहर भर में हुए इन धमाकों में 56 लोगों की जान गई, जबकि 200 लोग घायल हुए थे। धमाकों की जांच-पड़ताल कई साल चली और करीब 80 आरोपियों पर मुकदमा चला। पुलिस ने अहमदाबाद में 20 FIR दर्ज की थीं, जबकि सूरत में 15 अन्य FIR दर्ज की गई थी, जहां विभिन्न स्थानों से जिंदा बम भी बरामद किए गए थे।साल 2004 में अहमदाबाद में हुआ था चारों का एनकाउंटर।इशरत जहां 2004 में मोदी की हत्या करने आई थीइससे पहले 2004 में अहमदाबाद में नोबल नगर टर्निंग के पास इशरत जहां, जावेद शेख, अमजद अली राणा और जिशान जौहर का एनकाउंटर हुआ था। चारों पर आरोप था कि वे गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने ही अहमदाबाद आए थे।मुठभेड़ में मारे जा चुके विकरुद्दीन की फाइल फोटो।2012 में विकारुद्दीन और अमजद भी मोदी की हत्या करने आए थेइसके बाद साल 2012 में भी मोदी की हत्या की साजिश का पर्दाफाश हुआ था। गुजरात पुलिस ने खुलासा किया थी है कि मणिनगर पुलिस कांस्टेबल विनय यादव का हत्यारा विकारुद्दीन और अमजद अहमदाबाद में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश को अंजाम देने आए थे। दोनों एक कार्यक्रम के दौरान मोदी की हत्या करना चाहते थे, लेकिन उनकी जबर्दस्त सिक्युरिटी के चलते नाकाम रहे थे। दोनों हैदराबाद भाग निकले थे। इनमें से विकरुद्दीन साल 2015 में तेलंगाना के वारंगल जिले में पुलिस से हुई मुठभेड़ में मारा जा चुका है। अमजद हिरासत में है।