‘सिख फॉर जस्टिस’ पर सरकार का एक्शन:पंजाब पॉलिटिक्स टीवी के ऐप, वेबसाइट, सोशल मीडिया हैंडल बैन; आतंकी संगठन से कनेक्शन की खबर

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नई दिल्ली3 घंटे पहले

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केंद्र सरकार ने खालिस्तान का समर्थन करने वाले बैन आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) पर एक्शन लिया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पंजाब पॉलिटिक्स टीवी के ऐप, वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। मंत्रायल को मिले इनपुट के आधार पर पंजाब पॉलिटिक्स टीवी के सभी प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया है। पंजाब पॉलिटिक्स टीवी का कनेक्शन ‘सिख फॉर जस्टिस’ से बताया जा रहा है।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय को जानकारी के मुताबिक, पंजाब पॉलिटिक्स टीवी के इन चैनल्स के जरिए विधानसभा चुनावों में माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई थी। वो ऑनलाइन मीडिया का भी सहारा ले रहा था। मंत्रालय ने IT नियमों के तहत आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए पंजाब पॉलिटिक्स टीवी के सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया है।

गुरपतवंत सिंह ‘व्यक्तिगत आतंकवादी’ घोषित

SFJ के फाउंडर लीडर गुरपतवंत सिंह पन्नू को अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए UAPA के तहत 'व्यक्तिगत आतंकवादी' घोषित किया गया है

SFJ के फाउंडर लीडर गुरपतवंत सिंह पन्नू को अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए UAPA के तहत ‘व्यक्तिगत आतंकवादी’ घोषित किया गया है

  • किसान आंदोलन के दौरान ‘सिख फॉर जस्टिस’ का नाम काफी चर्चा में रहा था। इस संगठन की नींव 2007 में अमेरिका में रखी गई थी। SFJ का मुख्य एजेंडा पंजाब में अलग से खालिस्तान बनाने का है। अमेरिका में वकील और पंजाब यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई कर चुका गुरपतवंत सिंह पन्नू इस संगठन का मुख्य चेहरा है। इस चैनल का अमेरिका से ही चलाया जाता है।
  • सिख फॉर जस्टिस ऑर्गनाइजेशन को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत गैरकानूनी घोषित किया गया है। SFJ के फाउंडर लीडर गुरपतवंत सिंह पन्नू को अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए UAPA के तहत ‘व्यक्तिगत आतंकवादी’ घोषित किया गया है। सूचना मंत्रालय ने कहा कि सरकार भारत में समग्र सूचना वातावरण को सुरक्षित रखने के लिए सतर्क और प्रतिबद्ध है।
  • 18 फरवरी को ‘सिख फॉर जस्टिस’ के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने वीडियो जारी कर पंजाबी सिंह और एक्टर दीप सिद्धू की मौत को राजनीतिक हत्या बताया था। वीडियो में उसने आरोप लगाया था कि दीप सिद्धू की हत्या भारत सरकार ने कराई है। खालिस्तानी आतंवादी के फेसबुक वीडियो के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था।

केजरीवाल पर कुमार विश्वास लगा चुके आरोप

कुमार विश्वास ने दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल पर भारत की संप्रभुता और अखंडता से समझौता करने का आरोप लगाया था

कुमार विश्वास ने दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल पर भारत की संप्रभुता और अखंडता से समझौता करने का आरोप लगाया था

आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता कुमार विश्वास द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाने के बाद अलगाववादी तत्वों के लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का डर बढ़ गया है। विश्वास ने आरोप लगाया कि आप के राष्ट्रीय संयोजक पंजाब के मुख्यमंत्री बनने के लिए भारत की संप्रभुता और अखंडता से समझौता करने के लिए तैयार थे। केजरीवाल ने इस दावे को बेबुनियाद बताया था।

हिजाब विवाद में भी SFJ का नाम आया
कर्नाटक हिजाब विवाद के दौरान हो रहे प्रदर्शन में भी सिख फॉर जस्टिस का नाम सामने आ चुका है। खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी करते हुए कहा था कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI खालिस्तानी आतंकी संगठन के जरिए भारत में हिजाब रेफरेंडम के जरिए अराजकता फैलाने की साजिश रच रही हैं। भारत में हिजाब रेफरेंडम के लिए वेबसाइट भी बनाई गई है। हिजाब विवाद को भड़काने के लिए सिख फॉर जस्टिस ने प्रोपेगेंडा वीडियो जारी किया था। वीडियो में हिजाब विवाद वाली लड़की मुस्कान की तस्वीरों का भी इस्तेमाल किया गया था।

सरकार की ताकत बन रहे नए IT नियम
भारत सरकार ने 26 मई, 2021 को नए इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021 लागू किए हैं। नए IT नियम 16 की आपातकालीन शक्तियों की बदौलत सरकार किसी चैनल, वेबसाइट्स और सोशल प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर सकती है। सरकार ने नए नियमों के इस मंशा के साथ तैयार किया है कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग की घटनाओं को रोका जा सके। इनमें आतंकवादियों की भर्ती के लिए लालच देना, आपत्तिजनक कंटेंट का सर्कुलेशन, वित्तीय धोखाधड़ी, हिंसा को बढ़ावा देने जैसे कई मुद्दे शामिल थे।

  • अगर सोशल मीडिया पर किसी की आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट की जाती है, तो शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर हटाना होगा।
  • कोई अदालत या सरकारी संस्था किसी आपत्तिजनक, शरारती ट्वीट या मैसेज के फर्स्ट ओरिजिनेटर की जानकारी मांगती है, तो कंपनियों को देनी होगी।
  • कंपनियों को तीन महीने में चीफ कम्प्लायंस ऑफिसर, नोडल कॉन्टैक्ट पर्सन, रेसिडेंट ग्रिवांस ऑफिसर अपॉइंट करने होंगे। ये भारतीय नागरिक होंगे।
  • जो यूजर अपना वैरिफिकेशन चाहता हो, सोशल मीडिया कंपनियों को उसे इसकी व्यवस्था देनी होगी। जैसे ट्विटर वैरिफाइड अकाउंट को ब्लू टिक देता है।

Hindi NewsTech autoPunjab Election Vs Khalistani; Narendra Modi Govt Blocks Sikhs For Justice Group Apps, Websiteनई दिल्ली3 घंटे पहलेकॉपी लिंककेंद्र सरकार ने खालिस्तान का समर्थन करने वाले बैन आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) पर एक्शन लिया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पंजाब पॉलिटिक्स टीवी के ऐप, वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। मंत्रायल को मिले इनपुट के आधार पर पंजाब पॉलिटिक्स टीवी के सभी प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया है। पंजाब पॉलिटिक्स टीवी का कनेक्शन ‘सिख फॉर जस्टिस’ से बताया जा रहा है।सूचना और प्रसारण मंत्रालय को जानकारी के मुताबिक, पंजाब पॉलिटिक्स टीवी के इन चैनल्स के जरिए विधानसभा चुनावों में माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई थी। वो ऑनलाइन मीडिया का भी सहारा ले रहा था। मंत्रालय ने IT नियमों के तहत आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए पंजाब पॉलिटिक्स टीवी के सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया है।गुरपतवंत सिंह ‘व्यक्तिगत आतंकवादी’ घोषितSFJ के फाउंडर लीडर गुरपतवंत सिंह पन्नू को अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए UAPA के तहत ‘व्यक्तिगत आतंकवादी’ घोषित किया गया हैकिसान आंदोलन के दौरान ‘सिख फॉर जस्टिस’ का नाम काफी चर्चा में रहा था। इस संगठन की नींव 2007 में अमेरिका में रखी गई थी। SFJ का मुख्य एजेंडा पंजाब में अलग से खालिस्तान बनाने का है। अमेरिका में वकील और पंजाब यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई कर चुका गुरपतवंत सिंह पन्नू इस संगठन का मुख्य चेहरा है। इस चैनल का अमेरिका से ही चलाया जाता है।सिख फॉर जस्टिस ऑर्गनाइजेशन को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत गैरकानूनी घोषित किया गया है। SFJ के फाउंडर लीडर गुरपतवंत सिंह पन्नू को अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए UAPA के तहत ‘व्यक्तिगत आतंकवादी’ घोषित किया गया है। सूचना मंत्रालय ने कहा कि सरकार भारत में समग्र सूचना वातावरण को सुरक्षित रखने के लिए सतर्क और प्रतिबद्ध है।18 फरवरी को ‘सिख फॉर जस्टिस’ के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने वीडियो जारी कर पंजाबी सिंह और एक्टर दीप सिद्धू की मौत को राजनीतिक हत्या बताया था। वीडियो में उसने आरोप लगाया था कि दीप सिद्धू की हत्या भारत सरकार ने कराई है। खालिस्तानी आतंवादी के फेसबुक वीडियो के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था।केजरीवाल पर कुमार विश्वास लगा चुके आरोपकुमार विश्वास ने दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल पर भारत की संप्रभुता और अखंडता से समझौता करने का आरोप लगाया थाआम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता कुमार विश्वास द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाने के बाद अलगाववादी तत्वों के लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का डर बढ़ गया है। विश्वास ने आरोप लगाया कि आप के राष्ट्रीय संयोजक पंजाब के मुख्यमंत्री बनने के लिए भारत की संप्रभुता और अखंडता से समझौता करने के लिए तैयार थे। केजरीवाल ने इस दावे को बेबुनियाद बताया था।हिजाब विवाद में भी SFJ का नाम आयाकर्नाटक हिजाब विवाद के दौरान हो रहे प्रदर्शन में भी सिख फॉर जस्टिस का नाम सामने आ चुका है। खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी करते हुए कहा था कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI खालिस्तानी आतंकी संगठन के जरिए भारत में हिजाब रेफरेंडम के जरिए अराजकता फैलाने की साजिश रच रही हैं। भारत में हिजाब रेफरेंडम के लिए वेबसाइट भी बनाई गई है। हिजाब विवाद को भड़काने के लिए सिख फॉर जस्टिस ने प्रोपेगेंडा वीडियो जारी किया था। वीडियो में हिजाब विवाद वाली लड़की मुस्कान की तस्वीरों का भी इस्तेमाल किया गया था।सरकार की ताकत बन रहे नए IT नियमभारत सरकार ने 26 मई, 2021 को नए इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021 लागू किए हैं। नए IT नियम 16 की आपातकालीन शक्तियों की बदौलत सरकार किसी चैनल, वेबसाइट्स और सोशल प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर सकती है। सरकार ने नए नियमों के इस मंशा के साथ तैयार किया है कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग की घटनाओं को रोका जा सके। इनमें आतंकवादियों की भर्ती के लिए लालच देना, आपत्तिजनक कंटेंट का सर्कुलेशन, वित्तीय धोखाधड़ी, हिंसा को बढ़ावा देने जैसे कई मुद्दे शामिल थे।अगर सोशल मीडिया पर किसी की आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट की जाती है, तो शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर हटाना होगा।कोई अदालत या सरकारी संस्था किसी आपत्तिजनक, शरारती ट्वीट या मैसेज के फर्स्ट ओरिजिनेटर की जानकारी मांगती है, तो कंपनियों को देनी होगी।कंपनियों को तीन महीने में चीफ कम्प्लायंस ऑफिसर, नोडल कॉन्टैक्ट पर्सन, रेसिडेंट ग्रिवांस ऑफिसर अपॉइंट करने होंगे। ये भारतीय नागरिक होंगे।जो यूजर अपना वैरिफिकेशन चाहता हो, सोशल मीडिया कंपनियों को उसे इसकी व्यवस्था देनी होगी। जैसे ट्विटर वैरिफाइड अकाउंट को ब्लू टिक देता है।

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