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इस्लामाबाद7 घंटे पहले
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इस्लामिक देशों के संगठन इस्लामिक सहयोग सगंठन (OIC) के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया। इमरान ने कहा है कि भारत ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया क्योंकि उसे हमारी तरफ से किसी तरह का दबाव महसूस नहीं हुआ।
पाकिस्तानी पीएम ने जम्मू-कश्मीर और फिलिस्तीन में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की बात करते हुए कहा कि दुनियाभर में हम मुसलमान 1.5 अरब हैं, लेकिन हम यहां के लोगों के लिए कुछ नहीं कर पाए। हमने कश्मीर और फिलिस्तीन के लोगों को निराश किया है।
सउदी अरब का मिला साथ
इमरान खान के साथ-साथ सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैजल बिन फरहान ने भी सम्मेलन में कश्मीर का जिक्र किया है। इमरान खान ने कश्मीर और फिलिस्तीन का जिक्र करते हुए कहा, ‘हमने फिलिस्तीनियों और कश्मीर के लोगों, दोनों को निराश किया है। मुझे ये कहते हुए दुख हो रहा है कि हम उनके लिए कुछ नहीं कर पाए हैं।
इसलिए गंभीरता से नहीं लेते
इमरान खान ने कहा कि OIC को पश्चिमी देश गंभीरता से नहीं लेते क्योंकि मुस्लिम देश आपस में ही बंटे हुए हैं और इस बात को पश्चिमी देश अच्छे से जानते हैं। इमरान खान ने कहा, ‘हम मुसलमान 1.5 अरब लोग हैं और फिर भी इस घोर अन्याय को रोकने के लिए हमारी आवाज काफी नहीं है। हम किसी देश पर कब्जा करने की बात नहीं कर रहे…हम बस कश्मीर के लोगों और उनके मानवाधिकारों की बात कर रहे हैं।’
अतंरराष्ट्रीय कानून फिलिस्तिनी और कश्मीरियों के पक्ष में
पाकिस्तानी पीएम ने कहा कि अतंरराष्ट्रीय कानून फिलिस्तिनी और कश्मीरियों के पक्ष में है। उन्होंने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद उनके अधिकारों की बात करता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने कश्मीर के लोगों से वादा भी किया कि उन्हें जनमत संग्रह के जरिए अपना भविष्य निर्धारण का अधिकार दिया जाएगा लेकिन वो अधिकार कश्मीरियों को कभी नहीं दिया गया। कश्मीरियों से विशेष राज्य का उनका दर्जा भी गैर कानूनी तरीके से छीन लिया जाएगा। जब तक हम मुस्लिमों के उत्पीड़न के खिलाफ एकजुट नहीं होंगे, यह सब होता रहेगा।
इस्लामाबाद7 घंटे पहलेकॉपी लिंकवीडियोइस्लामिक देशों के संगठन इस्लामिक सहयोग सगंठन (OIC) के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया। इमरान ने कहा है कि भारत ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया क्योंकि उसे हमारी तरफ से किसी तरह का दबाव महसूस नहीं हुआ।पाकिस्तानी पीएम ने जम्मू-कश्मीर और फिलिस्तीन में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की बात करते हुए कहा कि दुनियाभर में हम मुसलमान 1.5 अरब हैं, लेकिन हम यहां के लोगों के लिए कुछ नहीं कर पाए। हमने कश्मीर और फिलिस्तीन के लोगों को निराश किया है।सउदी अरब का मिला साथइमरान खान के साथ-साथ सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैजल बिन फरहान ने भी सम्मेलन में कश्मीर का जिक्र किया है। इमरान खान ने कश्मीर और फिलिस्तीन का जिक्र करते हुए कहा, ‘हमने फिलिस्तीनियों और कश्मीर के लोगों, दोनों को निराश किया है। मुझे ये कहते हुए दुख हो रहा है कि हम उनके लिए कुछ नहीं कर पाए हैं।इसलिए गंभीरता से नहीं लेतेइमरान खान ने कहा कि OIC को पश्चिमी देश गंभीरता से नहीं लेते क्योंकि मुस्लिम देश आपस में ही बंटे हुए हैं और इस बात को पश्चिमी देश अच्छे से जानते हैं। इमरान खान ने कहा, ‘हम मुसलमान 1.5 अरब लोग हैं और फिर भी इस घोर अन्याय को रोकने के लिए हमारी आवाज काफी नहीं है। हम किसी देश पर कब्जा करने की बात नहीं कर रहे…हम बस कश्मीर के लोगों और उनके मानवाधिकारों की बात कर रहे हैं।’अतंरराष्ट्रीय कानून फिलिस्तिनी और कश्मीरियों के पक्ष मेंपाकिस्तानी पीएम ने कहा कि अतंरराष्ट्रीय कानून फिलिस्तिनी और कश्मीरियों के पक्ष में है। उन्होंने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद उनके अधिकारों की बात करता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने कश्मीर के लोगों से वादा भी किया कि उन्हें जनमत संग्रह के जरिए अपना भविष्य निर्धारण का अधिकार दिया जाएगा लेकिन वो अधिकार कश्मीरियों को कभी नहीं दिया गया। कश्मीरियों से विशेष राज्य का उनका दर्जा भी गैर कानूनी तरीके से छीन लिया जाएगा। जब तक हम मुस्लिमों के उत्पीड़न के खिलाफ एकजुट नहीं होंगे, यह सब होता रहेगा।