
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 4 अक्टूबर को कहा था कि कोविड से हुई मौत के मामले में मृतक के परिजनों को 50 हजार रुपये अनुग्रह राशि देना होगा। स्टेट डिजास्टर रिलीफ फंड (एडीआरएफ) से यह रकम आवेदन और डेथ सर्टफिकेट आदि पेश करने के 30 दिनों के भीतर दिया जाएगा।
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हाइलाइट्स
- विज्ञापन के कारण लोगों को जानकारी मिल रही है- कोर्ट
- कोविड से हुई मौत के मामले में मृतक के परिजनों को 50 हजार रुपये अनुग्रह
- रकम आवेदन और डेथ सर्टफिकेट आदि पेश करने के 30 दिनों के भीतर दिया जाएगा
सुप्रीम कोर्ट ने कोविड से मौत के मामले में अनुग्रह राशि देने के लिए गुजरात सरकार ने जो विज्ञापन का तरीका अपनाया है उसकी तारीफ की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देश के बाकी राज्यों को भी इस मामले में गुजरात मॉडल अपनाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गुजरात सरकार ने कहा है कि व्यापक विज्ञापन किया गया है ताकि कोविड से मौत के मामले में अनुग्रह राशि दिए जाने के बारे में पता चले। इस कारण बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं और आवेदन की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है और अभी तक 24 हजार मामले में अनुग्रह राशि रिलीज की जा चुकी है।
गुजरात मॉडल की तारीफ
सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से कहा है कि वह गुजरात सरकार द्वारा अपनाए गए विज्ञापन मॉडल को अपनाएं। गुजरात सरकार ने कोविड डेथ के मामले में अनुग्रह राशि स्कीम को लेकर जो विज्ञापन दिया है वह प्रशंसनीय है। अन्य राज्यों को भी इस विज्ञापन मॉडल का अनुशरण करना चाहए। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमआर शाह की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि कोविड डेथ के संबंध में अनुग्रह राशि की स्कीम के बारे में गुजरात सरकार ने जो तरीका अपनाया है उस बारे में अडिशनल सॉलिसिटर जनरल अन्य राज्यों के वकीलों को अवगत कराएं।
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आप तरीका बताएं
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के अडिशनल सॉलिसिटर जनरल एश्वर्य भाटी से कहा कि आप अन्य राज्यों के वकीलों को गुजरात से संबंधित विज्ञापन के तरीके के बारे में बताएं। भाटी ने कहा कि कल तक अन्य राज्यों को इस बारे में जानकारी सर्कुलेट कर दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम विज्ञापन के कंटेंट से संतुष्ट हैं। सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि गुजरात सरकार ने सभी 36 जिलनों में 97 न्यूजपेपर में विज्ञापन दिया है यह विज्ञापन 14 व15 दिसंबर को दिया गया है।
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विज्ञापन के कारण लोगों को जानकारी मिल रही है- कोर्ट
इसमें कोविड डेथ से अनुग्रह राशि की स्कीम के बारे में बताया गया है। सीनियर एडवोकेट मनीषा लवकुमार ने कोर्ट को बताया कि राज्य में विज्ञापन के कारण लोगों को जानकारी मिल रही है और आवेदन की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। अभी तक 40 हजार 457 केस आए हैं और 23848 का भुगतान हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान राज्यों की इस बात को लेकर खिंचाई की थी कि वह स्कीम के बारे में व्यापक प्रचार नहीं कर रहे हैं।
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30 दिनों के भीतर दी जानी है रकम
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 4 अक्टूबर को कहा था कि कोविड से हुई मौत के मामले में मृतक के परिजनों को 50 हजार रुपये अनुग्रह राशि देना होगा। स्टेट डिजास्टर रिलीफ फंड (एडीआरएफ) से यह रकम आवेदन और डेथ सर्टफिकेट आदि पेश करने के 30 दिनों के भीतर दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही कहा था कि कोविड से हुई मौत के मामले में मुआवजा राशि देने से राज्य इनकार नहीं कर सकता है।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोविड से हुई मौत के मामले में अगर सर्टिफिकेट में मौत का कारण कोविड नहीं लिखा है तो सिर्फ इसी ग्राउंड पर मुआवजा देने से राज्य सरकार इनकार नहीं कर सकता है।
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Web Title : compensation scheme in covid 19 death supreme court praised the gujarat model in the advertisement
Hindi News from Navbharat Times, TIL Network
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 4 अक्टूबर को कहा था कि कोविड से हुई मौत के मामले में मृतक के परिजनों को 50 हजार रुपये अनुग्रह राशि देना होगा। स्टेट डिजास्टर रिलीफ फंड (एडीआरएफ) से यह रकम आवेदन और डेथ सर्टफिकेट आदि पेश करने के 30 दिनों के भीतर दिया जाएगा। Rahul Gandhi On Lakhimpur Incident: अजय मिश्रा के इस्तीफे की मांग पर अड़े राहुल, कहा- बोलने नहीं दिया जा रहाहाइलाइट्सविज्ञापन के कारण लोगों को जानकारी मिल रही है- कोर्टकोविड से हुई मौत के मामले में मृतक के परिजनों को 50 हजार रुपये अनुग्रहरकम आवेदन और डेथ सर्टफिकेट आदि पेश करने के 30 दिनों के भीतर दिया जाएगानई दिल्लीसुप्रीम कोर्ट ने कोविड से मौत के मामले में अनुग्रह राशि देने के लिए गुजरात सरकार ने जो विज्ञापन का तरीका अपनाया है उसकी तारीफ की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि देश के बाकी राज्यों को भी इस मामले में गुजरात मॉडल अपनाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गुजरात सरकार ने कहा है कि व्यापक विज्ञापन किया गया है ताकि कोविड से मौत के मामले में अनुग्रह राशि दिए जाने के बारे में पता चले। इस कारण बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं और आवेदन की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है और अभी तक 24 हजार मामले में अनुग्रह राशि रिलीज की जा चुकी है। गुजरात मॉडल की तारीफसुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से कहा है कि वह गुजरात सरकार द्वारा अपनाए गए विज्ञापन मॉडल को अपनाएं। गुजरात सरकार ने कोविड डेथ के मामले में अनुग्रह राशि स्कीम को लेकर जो विज्ञापन दिया है वह प्रशंसनीय है। अन्य राज्यों को भी इस विज्ञापन मॉडल का अनुशरण करना चाहए। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमआर शाह की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि कोविड डेथ के संबंध में अनुग्रह राशि की स्कीम के बारे में गुजरात सरकार ने जो तरीका अपनाया है उस बारे में अडिशनल सॉलिसिटर जनरल अन्य राज्यों के वकीलों को अवगत कराएं। दिल्ली-एनसीआर में कंस्ट्रक्शन से पाबंदी हटेगी या नहीं, एक हफ्ते में होगा फैसलासुप्रीम कोर्ट ने कहा- आप तरीका बताएंसुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के अडिशनल सॉलिसिटर जनरल एश्वर्य भाटी से कहा कि आप अन्य राज्यों के वकीलों को गुजरात से संबंधित विज्ञापन के तरीके के बारे में बताएं। भाटी ने कहा कि कल तक अन्य राज्यों को इस बारे में जानकारी सर्कुलेट कर दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम विज्ञापन के कंटेंट से संतुष्ट हैं। सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि गुजरात सरकार ने सभी 36 जिलनों में 97 न्यूजपेपर में विज्ञापन दिया है यह विज्ञापन 14 व15 दिसंबर को दिया गया है। Char Dham Road Project: देश की सुरक्षा से ज्यादा तरजीह पर्यावरण को दिया जाना चाहिए? जानें सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहाविज्ञापन के कारण लोगों को जानकारी मिल रही है- कोर्टइसमें कोविड डेथ से अनुग्रह राशि की स्कीम के बारे में बताया गया है। सीनियर एडवोकेट मनीषा लवकुमार ने कोर्ट को बताया कि राज्य में विज्ञापन के कारण लोगों को जानकारी मिल रही है और आवेदन की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। अभी तक 40 हजार 457 केस आए हैं और 23848 का भुगतान हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान राज्यों की इस बात को लेकर खिंचाई की थी कि वह स्कीम के बारे में व्यापक प्रचार नहीं कर रहे हैं। भ्रष्टाचार पर संसद में ज्ञान, मगर बड़ा सवाल- सीबीआई को छापेमारी से क्यों रोकती हैं सरकारें ?30 दिनों के भीतर दी जानी है रकमसुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 4 अक्टूबर को कहा था कि कोविड से हुई मौत के मामले में मृतक के परिजनों को 50 हजार रुपये अनुग्रह राशि देना होगा। स्टेट डिजास्टर रिलीफ फंड (एडीआरएफ) से यह रकम आवेदन और डेथ सर्टफिकेट आदि पेश करने के 30 दिनों के भीतर दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही कहा था कि कोविड से हुई मौत के मामले में मुआवजा राशि देने से राज्य इनकार नहीं कर सकता है।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोविड से हुई मौत के मामले में अगर सर्टिफिकेट में मौत का कारण कोविड नहीं लिखा है तो सिर्फ इसी ग्राउंड पर मुआवजा देने से राज्य सरकार इनकार नहीं कर सकता है।Navbharat Times News App: देश-दुनिया की खबरें, आपके शहर का हाल, एजुकेशन और बिज़नेस अपडेट्स, फिल्म और खेल की दुनिया की हलचल, वायरल न्यूज़ और धर्म-कर्म… पाएँ हिंदी की ताज़ा खबरें डाउनलोड करें NBT ऐपलेटेस्ट न्यूज़ से अपडेट रहने के लिए NBT फेसबुकपेज लाइक करें Web Title : compensation scheme in covid 19 death supreme court praised the gujarat model in the advertisementHindi News from Navbharat Times, TIL Network
