“नाम में बहुत कुछ रखा है”, बोले BJP शासित असम के CM-गांवों के नाम बदलने को मागेंगे सुझाव, लाएंगे पोर्टल

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बोले- “जो हमारी सभ्यता, संस्कृति के विपरीत है और किसी भी जाति या समुदाय के लिए अपमानजनक है, उसे बदलेंगे।”

असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा अक्सर अपने बयानों और टिप्पणियों को लेकर चर्चा में रहते हैं। अभी हाल ही में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कमेंट किया था। इसको लेकर उनके खिलाफ कांग्रेसियों ने जोरदार नाराजगी जताई थी और विरोध-प्रदर्शन भी किया था। अब ताजा बयान में अपने राज्य असम के शहरों, कस्बों और गांवों के नाम बदलने की बात कही है। उनका कहना है कि इसके लिए लोगों से सुझाव आमंत्रित किया जाएगा और एक पोर्टल लॉन्च करेंगे।

उन्होंने ट्वीट करके बताया कि “किसी शहर, कस्बे या गांव का नाम उसकी संस्कृति, परंपरा और सभ्यता का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम पूरे असम में नाम बदलने पर सुझाव आमंत्रित करने के लिए एक पोर्टल लॉन्च करेंगे, जो हमारी सभ्यता, संस्कृति के विपरीत है और किसी भी जाति या समुदाय के लिए अपमानजनक है।”

उनकी इस टिप्पणी पर सोशल मीडिया में भी कई लोगों ने कमेंट किए हैं। अभिनव त्रिवेदी@dr_abhinav_01 नाम के एक यूजर ने कहा, “ओह सच में, जब बीजेपी अस्तित्व में आई, जब धर्म के आधार पर विभाजन हुआ..।” मुकेश@mikejava85 नाम के यूजर ने लिखा, “जो वास्तविक विकास कार्यों के बजाय प्राथमिकता प्रतीत होता है।”

सरमा ने सितंबर 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगने और कोविड -19 टीकों की प्रभावकारिता पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोला था। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि “क्या भाजपा ने उन्हें कभी यह साबित करने के लिए कहा कि वह राजीव गांधी के बेटे हैं।”

इसी तरह हिजाब पहनने को लेकर भी उनका बयाना आया था। इस पर असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था एक शिक्षक को कैसे पता चलेगा कि कोई छात्र समझ रहा है या नहीं, अगर उन्होंने हिजाब पहन रखा है? किसी ने नहीं कहा कि वे 3 साल पहले हिजाब पहनना चाहते थे? मुस्लिम समुदाय को शिक्षा की जरूरत है, हिजाब की नहीं… राजनीतिक इस्लाम कांग्रेस प्रायोजित है।

बोले- “जो हमारी सभ्यता, संस्कृति के विपरीत है और किसी भी जाति या समुदाय के लिए अपमानजनक है, उसे बदलेंगे।” असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा अक्सर अपने बयानों और टिप्पणियों को लेकर चर्चा में रहते हैं। अभी हाल ही में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कमेंट किया था। इसको लेकर उनके खिलाफ कांग्रेसियों ने जोरदार नाराजगी जताई थी और विरोध-प्रदर्शन भी किया था। अब ताजा बयान में अपने राज्य असम के शहरों, कस्बों और गांवों के नाम बदलने की बात कही है। उनका कहना है कि इसके लिए लोगों से सुझाव आमंत्रित किया जाएगा और एक पोर्टल लॉन्च करेंगे। उन्होंने ट्वीट करके बताया कि “किसी शहर, कस्बे या गांव का नाम उसकी संस्कृति, परंपरा और सभ्यता का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम पूरे असम में नाम बदलने पर सुझाव आमंत्रित करने के लिए एक पोर्टल लॉन्च करेंगे, जो हमारी सभ्यता, संस्कृति के विपरीत है और किसी भी जाति या समुदाय के लिए अपमानजनक है।” उनकी इस टिप्पणी पर सोशल मीडिया में भी कई लोगों ने कमेंट किए हैं। अभिनव त्रिवेदी@dr_abhinav_01 नाम के एक यूजर ने कहा, “ओह सच में, जब बीजेपी अस्तित्व में आई, जब धर्म के आधार पर विभाजन हुआ..।” मुकेश@mikejava85 नाम के यूजर ने लिखा, “जो वास्तविक विकास कार्यों के बजाय प्राथमिकता प्रतीत होता है।” सरमा ने सितंबर 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगने और कोविड -19 टीकों की प्रभावकारिता पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोला था। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि “क्या भाजपा ने उन्हें कभी यह साबित करने के लिए कहा कि वह राजीव गांधी के बेटे हैं।” इसी तरह हिजाब पहनने को लेकर भी उनका बयाना आया था। इस पर असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था एक शिक्षक को कैसे पता चलेगा कि कोई छात्र समझ रहा है या नहीं, अगर उन्होंने हिजाब पहन रखा है? किसी ने नहीं कहा कि वे 3 साल पहले हिजाब पहनना चाहते थे? मुस्लिम समुदाय को शिक्षा की जरूरत है, हिजाब की नहीं… राजनीतिक इस्लाम कांग्रेस प्रायोजित है।

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