उमर अब्दुल्ला ने कश्मीर फाइल्स पर तोड़ी चुप्पी:पूर्व CM बोले

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श्रीनगर3 घंटे पहले

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नेशनल कॉन्फ्रेंस ने शुक्रवार को ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म पर अपनी चुप्पी तोड़ी। पार्टी के उपाध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व CM उमर अब्दुल्ला ने कहा कि फिल्म सच्चाई से बहुत दूर है, क्योंकि फिल्म निर्माताओं ने आतंकवाद से पीड़ित मुसलमानों और सिखों के बलिदान को नजरअंदाज किया है।

अब्दुल्ला ने कहा कि अगर ‘द कश्मीर फाइल्स’ एक कमर्शियल फिल्म है, तो किसी को कोई समस्या नहीं है, लेकिन अगर फिल्म निर्माता दावा कर रहे हैं कि यह सच्चाई है, तो फैक्ट अलग हैं।

कुलगाम जिले के दमल हांजी पोरा में मीडिया से बातचीत में अब्दुल्ला ने कहा, “जब कश्मीरी पंडितों का पलायन हुआ, तब फारूक अब्दुल्ला मुख्यमंत्री नहीं थे। जगमोहन राज्यपाल थे। केंद्र में वीपी सिंह की सरकार थी, जिसे भाजपा ने बाहर से समर्थन दिया था।” उन्होंने कहा कि इस फैक्ट को फिल्म से दूर क्यों रखा गया है।

सच्चाई से छेड़छाड़ हुई
उन्होंने कहा, “अगर कश्मीरी पंडित आतंकवाद के शिकार हुए हैं, तो हमें इसके लिए बेहद खेद है, लेकिन हमें उन मुसलमानों और सिखों के बलिदानों को नहीं भूलना चाहिए, जिन्हें उसी बंदूक से निशाना बनाया गया था, जिससे कश्मीरी पंडितों को। उन्होंने कहा कि सच्चाई से छेड़छाड़ मत करो। यह सही बात नहीं है।

कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए माहौल बनाया जाएगा
अब्दुल्ला ने बताया कि बहुसंख्यक समुदाय के कुछ लोगों को अभी कश्मीर वापस आना बाकी है। उन्होंने कहा, ‘आज ऐसा माहौल बनाने की जरूरत है जहां हम उन सभी को वापस ला सकें, जिन्होंने अपना घर छोड़ा है। कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए माहौल बनाया जाएगा, लेकिन मुझे नहीं लगता कि जिन लोगों ने यह फिल्म बनाई है, वे चाहते हैं कि कश्मीरी पंडित वापस आएं। वे चाहते हैं कि पंडित हमेशा बाहर रहें।’
दुनिया भर में हमे बदनाम करने की कोशिश हो रही
अब्दुल्ला ने कहा कि दुनिया भर में एक समुदाय को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। 32 साल पहले जो हुआ उससे एक आम कश्मीरी खुश नहीं है, कश्मीरी पंडितों को घाटी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था। उन्होंने कहा कि आज, एक धारणा बनाई जा रही है कि सभी कश्मीरी दूसरे धर्मों के लोगों से नफरत करते हैं। उन्होंने पूछा कि इससे क्या होगा, कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी की राह आसान हो जाएगी?
उन्होंने कहा, “मुझे डर है कि आज कश्मीरी मुसलमानों के खिलाफ जो नफरत पैदा की जा रही है, भगवान न करे, राज्य के बाहर पढ़ने वाले हमारे बच्चों को इसका खामियाजा भुगतना पड़े।’

महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार कश्मीरी पंडितों के दर्द को हथियार बना रही।

महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार कश्मीरी पंडितों के दर्द को हथियार बना रही।

दो समुदायों को अलग कर रही सरकार: महबूबा मुफ्ती

इससे पहले जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी इस फिल्म को लेकर केंद्र पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि जिस तरीके से भारत सरकार कश्मीर फाइल्स को प्रमोट कर रही है और कश्मीरी पंडितों के दर्द को हथियार बना रही है, उससे उनके खराब मंसूबे सामने आ गए हैं। पुराने जख्मों पर मरहम लगाने और दो समुदायों के बीच बेहतर माहौल बनाने की जगह वह उन्हें अलग कर रही है।

Hindi NewsNationalThe Kashmir Files Updates ; Omar Abdullah Said The Film Is Far From The Truthश्रीनगर3 घंटे पहलेकॉपी लिंकनेशनल कॉन्फ्रेंस ने शुक्रवार को ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म पर अपनी चुप्पी तोड़ी। पार्टी के उपाध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व CM उमर अब्दुल्ला ने कहा कि फिल्म सच्चाई से बहुत दूर है, क्योंकि फिल्म निर्माताओं ने आतंकवाद से पीड़ित मुसलमानों और सिखों के बलिदान को नजरअंदाज किया है।अब्दुल्ला ने कहा कि अगर ‘द कश्मीर फाइल्स’ एक कमर्शियल फिल्म है, तो किसी को कोई समस्या नहीं है, लेकिन अगर फिल्म निर्माता दावा कर रहे हैं कि यह सच्चाई है, तो फैक्ट अलग हैं।कुलगाम जिले के दमल हांजी पोरा में मीडिया से बातचीत में अब्दुल्ला ने कहा, “जब कश्मीरी पंडितों का पलायन हुआ, तब फारूक अब्दुल्ला मुख्यमंत्री नहीं थे। जगमोहन राज्यपाल थे। केंद्र में वीपी सिंह की सरकार थी, जिसे भाजपा ने बाहर से समर्थन दिया था।” उन्होंने कहा कि इस फैक्ट को फिल्म से दूर क्यों रखा गया है।सच्चाई से छेड़छाड़ हुईउन्होंने कहा, “अगर कश्मीरी पंडित आतंकवाद के शिकार हुए हैं, तो हमें इसके लिए बेहद खेद है, लेकिन हमें उन मुसलमानों और सिखों के बलिदानों को नहीं भूलना चाहिए, जिन्हें उसी बंदूक से निशाना बनाया गया था, जिससे कश्मीरी पंडितों को। उन्होंने कहा कि सच्चाई से छेड़छाड़ मत करो। यह सही बात नहीं है।कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए माहौल बनाया जाएगाअब्दुल्ला ने बताया कि बहुसंख्यक समुदाय के कुछ लोगों को अभी कश्मीर वापस आना बाकी है। उन्होंने कहा, ‘आज ऐसा माहौल बनाने की जरूरत है जहां हम उन सभी को वापस ला सकें, जिन्होंने अपना घर छोड़ा है। कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए माहौल बनाया जाएगा, लेकिन मुझे नहीं लगता कि जिन लोगों ने यह फिल्म बनाई है, वे चाहते हैं कि कश्मीरी पंडित वापस आएं। वे चाहते हैं कि पंडित हमेशा बाहर रहें।’दुनिया भर में हमे बदनाम करने की कोशिश हो रहीअब्दुल्ला ने कहा कि दुनिया भर में एक समुदाय को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। 32 साल पहले जो हुआ उससे एक आम कश्मीरी खुश नहीं है, कश्मीरी पंडितों को घाटी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था। उन्होंने कहा कि आज, एक धारणा बनाई जा रही है कि सभी कश्मीरी दूसरे धर्मों के लोगों से नफरत करते हैं। उन्होंने पूछा कि इससे क्या होगा, कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी की राह आसान हो जाएगी?उन्होंने कहा, “मुझे डर है कि आज कश्मीरी मुसलमानों के खिलाफ जो नफरत पैदा की जा रही है, भगवान न करे, राज्य के बाहर पढ़ने वाले हमारे बच्चों को इसका खामियाजा भुगतना पड़े।’महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार कश्मीरी पंडितों के दर्द को हथियार बना रही।दो समुदायों को अलग कर रही सरकार: महबूबा मुफ्तीइससे पहले जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी इस फिल्म को लेकर केंद्र पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि जिस तरीके से भारत सरकार कश्मीर फाइल्स को प्रमोट कर रही है और कश्मीरी पंडितों के दर्द को हथियार बना रही है, उससे उनके खराब मंसूबे सामने आ गए हैं। पुराने जख्मों पर मरहम लगाने और दो समुदायों के बीच बेहतर माहौल बनाने की जगह वह उन्हें अलग कर रही है।

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