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नई दिल्ली8 घंटे पहले
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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराते वक्त आधार कार्ड देना अनिवार्य नहीं है। सोमवार को जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस ए सूर्यकांत की बेंच ने सुनवाई के दौरान सरकार ने ये बातें कही हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने 1 अक्टूबर 2021 को उस याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा था जिसमें याचिकाकर्ता ने कहा था कि केंद्र को निर्देश दिया जाए कि कोविड वैक्सीनेशन के लिए सिर्फ आधार कार्ड ही न मांगा जाए।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा था कि कोविन एप में 9 तरह के पहचान पत्र की बात है लेकिन वैक्सीनेशन सेंटर पर आधार मांगा जा रहा है और ऐसे में केंद्र को निर्देश जारी करने की जरूरत है।
कोर्ट ने कहा- सरकार सुनिश्चित करे
सुनवाई के दौरान बेंच ने सरकार से कहा कि पूरी तरह यह सुनिश्चित करें कि वैक्सीन के लिए आधार कार्ड नहीं मांगा जाए। कोर्ट में सरकार ने बताया कि वैक्सीन रजिस्ट्रेशन के लिए पासपोर्ट, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड और वोटर कार्ड जैसे डॉक्युमेंट्स का ऑप्शन दिया गया है।
87 लाख लोगों को बिना प्रूफ के वैक्सीन दी
वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने हलफनामे में कहा है कि सरकार की तरफ से अभी तक 87 लाख लोगों को बिना किसी रेजिडेंस प्रूफ के वैक्सीन मुहैया कराई गई है। इनमें भिखारी, जेल में बंद कैदी और सड़कों पर घूमने वाले मानसिक विक्षिप्त भी शामिल हैं। सुनवाई के बाद बेंच ने कहा कि वैक्सीन की सुविधा पाने के लिए आधार कार्ड की जरूरत नहीं है और सभी संबंधित प्राधिकारी सरकार के नियमों का पालन करें।
देश में अब तक 170 करोड़ ज्यादा डोज दिए गए
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक भारत में अब तक 170 करोड़ से ज्यादा डोज दिए जा चुके हैं, जिनमें 95 करोड़ से ज्यादा फर्स्ट डोज और 75 करोड़ से ज्यादा सेकेंड डोज दिए गए हैं। वहीं 1.52 करोड़ प्रिकोशनरी डोज भी 60 से ज्यादा उम्र के लोगों को दी जा चुकी है।
Hindi NewsNationalAadhaar Card VS CoWIN COVID Vaccination; Narendra Modi Govt Reply To Supreme Court Todayनई दिल्ली8 घंटे पहलेकॉपी लिंककेंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराते वक्त आधार कार्ड देना अनिवार्य नहीं है। सोमवार को जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस ए सूर्यकांत की बेंच ने सुनवाई के दौरान सरकार ने ये बातें कही हैं।सुप्रीम कोर्ट ने 1 अक्टूबर 2021 को उस याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा था जिसमें याचिकाकर्ता ने कहा था कि केंद्र को निर्देश दिया जाए कि कोविड वैक्सीनेशन के लिए सिर्फ आधार कार्ड ही न मांगा जाए।सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा था कि कोविन एप में 9 तरह के पहचान पत्र की बात है लेकिन वैक्सीनेशन सेंटर पर आधार मांगा जा रहा है और ऐसे में केंद्र को निर्देश जारी करने की जरूरत है।कोर्ट ने कहा- सरकार सुनिश्चित करेसुनवाई के दौरान बेंच ने सरकार से कहा कि पूरी तरह यह सुनिश्चित करें कि वैक्सीन के लिए आधार कार्ड नहीं मांगा जाए। कोर्ट में सरकार ने बताया कि वैक्सीन रजिस्ट्रेशन के लिए पासपोर्ट, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड और वोटर कार्ड जैसे डॉक्युमेंट्स का ऑप्शन दिया गया है।87 लाख लोगों को बिना प्रूफ के वैक्सीन दीवहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने हलफनामे में कहा है कि सरकार की तरफ से अभी तक 87 लाख लोगों को बिना किसी रेजिडेंस प्रूफ के वैक्सीन मुहैया कराई गई है। इनमें भिखारी, जेल में बंद कैदी और सड़कों पर घूमने वाले मानसिक विक्षिप्त भी शामिल हैं। सुनवाई के बाद बेंच ने कहा कि वैक्सीन की सुविधा पाने के लिए आधार कार्ड की जरूरत नहीं है और सभी संबंधित प्राधिकारी सरकार के नियमों का पालन करें।देश में अब तक 170 करोड़ ज्यादा डोज दिए गएस्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक भारत में अब तक 170 करोड़ से ज्यादा डोज दिए जा चुके हैं, जिनमें 95 करोड़ से ज्यादा फर्स्ट डोज और 75 करोड़ से ज्यादा सेकेंड डोज दिए गए हैं। वहीं 1.52 करोड़ प्रिकोशनरी डोज भी 60 से ज्यादा उम्र के लोगों को दी जा चुकी है।
